हाल ही में कांग्रेस और विपक्षी प्रदर्शनों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पटना, लखनऊ और जयपुर सहित देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।प्रमुख प्रदर्शन और झड़पेंपटना (बिहार): कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन और दोनों पक्षों के बीच झड़प।लखनऊ (उत्तर प्रदेश): विपक्ष के विरोध मार्च के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन।जयपुर (राजस्थान): कांग्रेस और भाजपा के आमने-सामने बड़े प्रदर्शन व राजनीतिक तनाव।मुख्य कारणविपक्ष पर हमला: भाजपा का आरोप है कि विपक्ष और राहुल गांधी देश में अराजकता का माहौल बना रहे हैं।जवाबी रणनीति: दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक सरगर्मी के खिलाफ भाजपा ने सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाला है।
सामाजिक मुद्दे: देश की प्रगति में बाधा प्रस्तावना: सामाजिक मुद्दे किसी भी समाज के विकास में रुकावट उत्पन्न करते हैं। ये वे समस्याएँ हैं जो समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित करती हैं और जिनका समाधान आवश्यक होता है। भारत जैसे विकासशील देश में कई प्रकार के सामाजिक मुद्दे आज भी मौजूद हैं, जो हमारी तरक्की की राह में रोड़ा बने हुए हैं। प्रमुख सामाजिक मुद्दे: गरीबी: आज भी करोड़ों लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गरीबी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और रोजगार जैसे कई क्षेत्रों को प्रभावित करती है। बेरोज़गारी: युवाओं को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिल रही। इससे मानसिक तनाव और अपराध भी बढ़ रहे हैं। जातिवाद: जाति के आधार पर भेदभाव आज भी समाज में गहराई से मौजूद है। यह सामाजिक एकता को तोड़ता है और असमानता को बढ़ावा देता है। महिला असमानता: महिलाओं को आज भी कई जगहों पर शिक्षा, नौकरी और सम्मान का अधिकार समान रूप से नहीं मिलता। घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसे मुद्दे अब भी कायम हैं। बाल श्रम: गरीब बच्चों को शिक्षा की जगह काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।...